दैनिक कैलोरी की सलाह

मानव शरीर को जीवित रहने के लिए कैलोरी की आवश्यकता होती है। ऊर्जा के बिना, शरीर की कोशिकाएं मर जाती हैं, हृदय और फेफड़े बंद हो जाते हैं, और अंग जीवित रहने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा नहीं कर पाते। लोग भोजन और पेय से इस ऊर्जा को अवशोषित करते हैं।

यदि लोग प्रतिदिन केवल जरूरत मात्र कैलोरी का सेवन करते हैं, तो वे एक स्वस्थ जीवन जीते हैं। कैलोरी की खपत अगर बहुत कम या बहुत अधिक होती है, तो स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देती है।
भोजन में कैलोरी की संख्या हमें बताती है कि उनमें कितनी संभावित ऊर्जा है। केवल कैलोरी ही महत्वपूर्ण है नहीं है, बल्कि वह पदार्थ भी जिसमें से कैलोरी ली जा रही है।
हर किसी को हर दिन समान कैलोरी की आवश्यकता नहीं होती है। लोगों में विभिन्न चयापचय होते हैं जिन्हे विभिन्न दरों पर ऊर्जा की आवश्यकता होती हैं, और कुछ लोगों की, दूसरों की तुलना में अधिक सक्रिय जीवन शैली होती है।
प्रति दिन कैलोरी का अनुशंसित सेवन कई कारकों पर निर्भर करता है:

1.) सामान्य स्वास्थ्य
2.) शारीरिक गतिविधियां
3.) लिंग
4.) वजन
5.) लम्बाई
6.) शरीर का आकार

विभिन्न मामलों में ऊर्जा की आवश्यकता तदनुसार संशोधित की जाती है। लेकिन, भारत का सबसे आम स्लॉट ऑफिस क्लास से आता है, जो गतिहीन काम करता है। इस समूह के लिए सबसे उपयुक्त कैलोरी की आवश्यकता प्रति दिन 1600 किलो कैलोरी है, यह कैलोरी हम में से अधिकांश के लिए उपयुक्त है, भले ही पुरुष, महिला, लंबा, छोटा, मोटा, या पतला, दिनचर्या के अनुसार छोटे बदलाव के साथ, आदि। कैलोरी शरीर के सभी कार्यों को करने और दैनिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए पर्याप्त है। इससे कम कैलोरी का सेवन शरीर की कार्य क्षमता में बाधा उत्पन्न कर सकती है, जिससे कुपोषण से संबंधित विभिन्न समस्याएं हो सकती हैं, इसी तरह कैलोरी के ज्यादा सेवन से शरीर में अतिरिक्त कैलोरी का जमाव होगा, जिससे शरीर का वजन बढ़ेगा और मोटापा बढ़ेगा।

उन लोगों के लिए जो पहले से ही अधिक वजन वाले हैं और अपना वजन कम करना चाहते हैं, तो उस स्थिति में भी एक स्वस्थ शरीर और शांतिपूर्ण दिमाग के लिए, मैं उन्हें 1600 किलो कैलोरी आहार की सलाह देता हूं, यह आहार शरीर में वसा जमा करने की उनकी प्रक्रिया को तुरंत रोक देगा, और इसके अलावा दिनचर्या में 45 मिनट धीरे-धीरे चलना उनके अतिरिक्त वजन को कम करेगा। साओल में ये रणनीति बहुत सफल रही है क्योंकि यह रोगी पर कोई मनोवैज्ञानिक दबाव नहीं डालता (जैसा कि वंचित और प्रतिबंधित आहार सकता है), उनके पेट को हमेशा भरा रखता है, उन्हें उनके पसंदीदा खाद्य पदार्थों का विकल्प भी प्रदान करता है और सबसे महत्वपूर्ण है कि यह वे जो भी वजन कम करते हैं उसे बनाए रखने में मदद करता है क्योंकि वजन घटाने की प्रक्रिया बहुत ही क्रमिक, सामान्य और वैज्ञानिक होती है।

कैलोरी की गणना करना जटिल और इतनी लंबी प्रक्रिया है, साओल ने इसे आसान बना दिया है।

प्रति दिन सही वजन के लिए कैलोरी की आवश्यकता – 1600 किलो कैलोरी

1.) कार्बोहाइड्रेट स्रोतों से 1100 किलो कैलोरी (मुख्य रूप से अनाज, फल और सब्जियों से)
2.) प्रोटीन स्रोतों से 350 किलो कैलोरी (मुख्य रूप से दाल, फलियां)
3.) फैट स्रोतों से 150 किलो कैलोरी (मुख्य रूप से अदृश्य वसा जैसे दूध, अनाज, दालें, फल और सब्जियां)

लूज़ वजन के लिए कैलोरी की आवश्यकता – 1000 किलो कैलोरी

1.) कार्बोहाइड्रेट स्रोतों से 500 किलो कैलोरी (मुख्यतः फलों और सब्जियों से)
2.) प्रोटीन स्रोतों से 350 किलो कैलोरी (मुख्य रूप से दाल, फलियां)
3.) फैट स्रोतों से 150 किलो कैलोरी (मुख्य रूप से अदृश्य वसा जैसे दूध, अनाज, दालें, फल और सब्जियां)

कम वजन के लिए कैलोरी की आवश्यकता – 2000 किलो कैलोरी

1.) कार्बोहाइड्रेट स्रोतों से 1500 किलो कैलोरी (मुख्य रूप से चावल, चपाती, रोटी, आदि जैसे अनाज से)
2.) प्रोटीन स्रोतों से 350 किलो कैलोरी (मुख्य रूप से दाल, फलियां)
3.) फैट स्रोतों से 150 किलो कैलोरी (मुख्य रूप से अदृश्य वसा जैसे दूध, अनाज, दालें, फल और सब्जियां)

विभिन्न गतिविधियों के लिए शरीर की कैलोरी की आवश्यकता

सेडेंटरी कार्यकर्ता 1600 किलो कैलोरी
मध्यम कार्यकर्ता 1800 किलो कैलोरी
भारी कार्यकर्ता 2500 – 3000 किलो कैलोरी