ट्राइग्लिसराॅइड क्या हैं?

ट्राइग्लिसराॅइड क्या हैं?
ट्राइग्लिसराॅइड वसा के अलावा और कुछ नहीं हैं। हमारे द्वारा उपभोग किए जाने वाले वसा में 99% से अधिक ट्राइग्लिसराॅइड ही होते हैं। एक प्रतिशत से भी कम जो बचा है वह है काॅलेस्ट्रॉल। सभी प्रकार की पादपीय वसा (उदाहरण: सूरजमुखी तेल, जैतून का तेल, पाम तेल, मूंगफली का तेल, सरसों का तेल, नारियल का तेल, वनस्पति तेल) ट्राइग्लिसराइड के अलावा और कुछ नहीं हैं। प्राणी वसा में काॅलेस्ट्रॉल की बहुत थोड़ी मात्रा होती है लेकिन बाकी वसा ट्राइग्लिसराॅइड ही होते हैं।
वैज्ञानिक रूप से कहें, तो ट्राइग्लिसराॅइड ग्लिसरॉल के अणु और फैटी एसिड के तीन अणुओं से बने होते हैं। ट्राइग्लिसराॅइड शरीर को ऊर्जा या कैलोरी भी दे सकते हैं। ट्राइग्लिसराॅइड का 1 ग्राम शरीर को 9 कैलोरी देगा। रक्त में ट्राइग्लिसराॅइड का समान्य स्तर रक्त का 40-160 मिलीग्राम/100 मिलीलीटर होता है। यदि यह स्तर सीमा के उच्च स्तर पर या 160 मिलीग्राम/100 मिलीलीटर से ऊपर है, तो वे शरीर की धमनियों के अंदर जमना शुरू कर देंगे – विशेषकर कोरोनरी नलिकाओं या धमनियों में। यही कारण है कि जो लोग बहुत अधिक वसा या ट्राइग्लिसराॅइड या तेल खाते हैं, वे हृदय रोग के शिकार होते हैं और अंततः दिल का दौरा पड़ता है।
साओल हृदय रोगियों को ट्राइग्लिसराॅइड के रक्त स्तर को 130 मिलीग्राम/100 मिलीलीटर से कम रखने की सलाह देता है।

अर्द्धअसंतृप्त तेल क्या हैं?
ट्राइग्लिसराॅइड ग्लिसरॉल और तीन फैटी एसिड से बने होते हैं। ये फैटी एसिड कार्बन और हाइड्रोजन परमाणुओं की श्रंखला बनाते हैं। प्रत्येक कार्बन दो हाइड्रोजन परमाणुओं से जुड़ा होता है। जब एक हाइड्रोजन परमाणु फैटी एसिड श्रृंखला से हटाया जाता है तो यह अर्द्धअसंतृप्त तेल बनाता है। ये तेल काॅलेस्ट्रॉल की तरह समान रूप से हानिकारक हैं और ब्लॉकेज पैदा करते हैं। उदाहरण: जैतून का तेल।

बहुअसंतृप्त तेल क्या हैं?
जब फैटी एसिड श्रृंखला में से एक या एक से अधिक हाइड्रोजन परमाणुओं को हटा दिया जाता है तो यह बहुअसंतृप्त तेल बनाता है। इन तेलों के सेवन से भी दिल की समस्याएं होती हैं क्योंकि वे ट्राइग्लिसराॅइड हैं और धमनियों में रुकावट के लिए जाने जाते हैं। उदाहरण: सूरजमुखी तेल, केसर तेल।